पिछे हटो - एक शायरी। Move Backward - A Shayeri
कभी-कभी चार कदम आगे जाने के लिए दो कदम पीछे भी जाना पड़ता है, कभी-कभी चार कदम आगे जाने के लिए दो कदम पीछे भी जाना पड़ता है, इसी तराह समय बचाने के लिए कभी-कभी समय खोना भी परता है। पड़िए अगला शायरी पड़िए पिछला शायरी