लक्ष्य - एक शायरी। GOAL - A Shayeri
चार कदम आगे जाने के लिए
दो कदम पीछे जाना पड़ता है,
काम जब शर के ऊपर हो जाए
तो कुछ समय के लिए रुक जाना पड़ता है,
पर लक्ष से भटक जाना कतेइ उचित नहीं
क्योंकि सफल होने के लिए अंगार में चलना पड़ता है।
दो कदम पीछे जाना पड़ता है,
काम जब शर के ऊपर हो जाए
तो कुछ समय के लिए रुक जाना पड़ता है,
पर लक्ष से भटक जाना कतेइ उचित नहीं
क्योंकि सफल होने के लिए अंगार में चलना पड़ता है।
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