जीवन - एक कविता। Life - A Poem

 जीवन 


जीवन - एक कविता। Life - A Poem


अब मुझे बौद्ध धर्म का 

महत्व समझ आया,

जिसे में पहले ऐसे ही ठुकराया।

जीवन है अनंत कष्ट भोग

 कोई यहां खुश नहीं है 

मगर हर कोई खुश रहने के लिए काम करते हैं।


किसीको यह चाहिए

 तो किसीको वह,

किसीको मकान बनाना है

 तो किसीको जमीन खरीदना है।

 हर किसीको कुछ ना कुछ चाहिए

 जितना भी अमीर क्यों ना हो 

कोई जीवन में खुश नहीं है।


खुश रहनेका मार्ग बौद्ध धर्म में

 अच्छेसे बताया गया है,

 जो पढ़ा लिखा किया है

 वह सब यह जानता हैं।

पर कोई उसमें चलना नहीं चाहता

 खुश होना चाहता है

 पर जीवन ज्यादा प्यारा,

 इसलिए कोई यहां कुछ नहीं होता।


पड़िए अगला कविता (शरीर)
पड़िए पिछला कविता (वदलो)

जीवन - एक कविता। Life - A Poem


Comments

Popular posts from this blog

ওয়াল ম্যাগাজিন - একটি কবিতা। Wall Magazine - A Poem

नया शुरुआत - एक कविता। New Beginning - A Poem

ফেয়ারওয়েল কবিতা। Farewell - A Poem

হে শিক্ষক কবিতা| A Poem to Teachers

অভিভাবক - একটি কবিতা। Guardian - A Poem

Social Service - A Poem

एक हार - एक शायरी। A Defeat - A Shayeri