सहनशीलता - एक कविता। Endurance - A Poem

सहनशीलता 



सहनशीलता - एक कविता। Endurance - A Poem


जीवन है अंधेरे से भड़ा

 बुरा नहीं अच्छे कर्म के लिए,

 रोश्नीके तलाश जारी रख

 पर सच्चा राह ना छोड़।


अच्छे इंसानके तकलीफ ज्यादा,

सच्चे राह में घाव ज्यादा,

 पर बुरा वक्त जरूर डालता है

 उसके बाद जो आता है 

वह हर दर्द भुला देता है!


बुरा वक्त आता है कुछ सीखानेके लिए

 उससे सीख, डर मत

 जब वह जाएगा तब तुम समझोगे 

तुम बहुतसे आगे निकल चुकेहो,

 क्योंकि तुम बुरा वक्त झेलेहो!


इसलिए दर्द से सिख, समझ

 क्यों आया, क्या होगा, कैसे निकाले 

पर डर मत, रुक मत!

 सह और काम करते जा

 अच्छे दिनका सूरज जरूर निकलेगा। 

 और जब वह निकलेगा

 तुम हर वह चीज पाओगे 

जो तुम्हारे ख्वाब था। 


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सहनशीलता - एक कविता। Endurance - A Poem


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