कर्म का फल - एक शायरी । Result of Deed - A Shayari

 

कर्म का फल - एक शायरी । Result of Deed - A Shayari

हर कर्म का फल भुगतना पड़ेगा

 माफी का कोई गुंजाइश नहीं,

हर करम का फल भुगतना पड़ेगा

 माफी का कोई गुंजाइश नहीं,

 जैसे करनी वैसे भरनी 

ए कहावत है एकदम सही।


पढ़िए अगला शायरी 
पढ़िए पिछले शायरी 

कर्म का फल - एक शायरी । Result of Deed - A Shayari


Comments

Popular posts from this blog

ওয়াল ম্যাগাজিন - একটি কবিতা। Wall Magazine - A Poem

नया शुरुआत - एक कविता। New Beginning - A Poem

ফেয়ারওয়েল কবিতা। Farewell - A Poem

হে শিক্ষক কবিতা| A Poem to Teachers

অভিভাবক - একটি কবিতা। Guardian - A Poem

Social Service - A Poem

एक हार - एक शायरी। A Defeat - A Shayeri